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Description
काम-कला के भेद
वैशाली की नगरवधू, वयं रक्षामः, सोमनाथ, धर्मपुत्र और सोना और खून जैसी लोकप्रिय पुस्तकों के लेखक आचार्य चतुरसेन शास्त्री हिन्दी के लोकप्रिय साहित्यकार होने के साथ आयुर्वेद के ‘आचार्य’ थे। उपन्यास और कहानियों के अतिरिक्त उन्होंने स्वास्थ्य और यौन संबंधों पर भी अनेक पुस्तकें लिखीं। उनका मानना था कि यौन संबंधी सुख ही दांपत्य की धुरी है। इसीलिए इस पुस्तक में उन्होंने यौन-संबंधों के विविध पहलुओं पर विशद जानकारी दी है, और साथ ही अलग-अलग देशों में व्याप्त धारणाओं, कुंठाओं पर भी प्रकाश डाला है।
स्त्री और पुरुष की शारीरिक संरचनाओं और सहवास की सही विधि पर पाठक को विस्तृत और स्पष्ट जानकारी मिलेगी इस पुस्तक में। साथ ही यौन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए अनेक उपाय और उपचार दिए हैं। हर युवा के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक।
Additional information
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21 × 14 × 4 cm |
| Authors | |
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2014 |
| Pulisher |











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