

Kahaniyan Rishton Ki – Bade Bujurg

Kahaniyan Rishton Ki – Bade Bujurg
₹150.00 ₹112.00
₹150.00 ₹112.00
Author: Akhilesh Tatbhav
Pages: 172
Year: 2014
Binding: Paperback
ISBN: 9788126725434
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Description
कहानियाँ रिश्तों की : बड़े बुजुर्ग
बड़े-बुज़़ुर्ग कहते ही कुछ ऐसा लगता है जैसे जीवन की मुख्यधारा से चुपचाप किनारे होता कोई व्यक्ति। लेकिन उम्र का चढ़ते जाना जीवन के अन्त की कातर प्रतीक्षा में बदलना नहीं है। व्यक्ति की लालसाएँ और प्रतीक्षाएँ तो नित नई हमेशा रहती हैं। बुज़ुर्गों को अक्सर अपने पुराने दिनों से भी एक लड़ाई लड़नी पड़ती है। अपनी आदतों से, दूसरों की अपेक्षाओं से और सबसे ज़्यादा अपनी कमज़ोर पड़ती सामर्थ्य और हैसियत से। लेकिन यह जीवन का सत्य है। इसका साक्षात्कार इस दस्तावेज़ी संकलन की कहानियों में संवेदनात्मक स्तर पर होगा जिससे पाठक बड़े-बुज़ुर्गों के प्रति अपने भीतर एक अलग तरह की कोमलता का अनुभव करेगा।
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| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Pages | |
| Publishing Year | 2014 |
| Pulisher | |
| Language | Hindi |









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