Kuch Panktiyan

-25%

Kuch Panktiyan

Kuch Panktiyan

399.00 299.00

In stock

399.00 299.00

Author: Gyanranjan

Availability: 5 in stock

Pages: 232

Year: 2026

Binding: Paperback

ISBN: 9789360868604

Language: Hindi

Publisher: Rajkamal Prakashan

Description

कुछ पंक्तियाँ

‘कुछ पंक्तियाँ’ ‘पहल’ के सम्पादकीय एवं प्रकाशकीय आलेखों का संकलन है। समसामयिक राजनीति और साहित्य-समाज के प्रतिक्रियावादी तत्वों को लेकर इन आलेखों का जनपक्षधर स्टैंड अपने समय में जितना विचारोत्तेजक, बहस तलब और प्रासंगिक था आज भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है। इस सन्दर्भ में ज्ञानरंजन की ये पंक्तियाँ देखी जा सकती है जो उन्होंने पहल-2 के सम्पादकीय में लिखा था। —

“‘पहल’ का प्रकाशन मुख्य रूप से लेखकों, बुद्धिजीवियों के लिए नहीं बल्कि पाठकों की उस बड़ी संख्या के लिए हुआ है जो एक ख़ास तरह की तैयारी के लिए तैयार होने को है। हम स्पष्ट घोषित करते हैं कि हमारा उद्देश्य क्रांतिकारी चेतना की व्यापक शिक्षा का है।”

अगस्त 1973 में प्रकाशित अपने पहले अंक से लेकर पूरे पैंतीस साल ‘पहल’ अपनी इस प्रतिज्ञा पर क़ायम ही नहीं रही बल्कि तमाम आलोचनाओं और छिद्रान्वेषण के बावजूद पाठकों के बीच अपनी जगह बढ़ाती रही। और, लघु-पत्रिका आन्दोलन में अपनी वैचारिक धार और दृढ़ता के चलते एक प्रतिमान के रूप में पहचानी गई।

Additional information

Authors

Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2026

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Kuch Panktiyan”

You've just added this product to the cart: