Kunwar Viyogi

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100.00 90.00

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Author: Mohan Singh

Availability: 5 in stock

Pages: 75

Year: 2024

Binding: Paperback

ISBN: 9789361833823

Language: Hindi

Publisher: Sahitya Academy

Description

कुँवर वियोगी

कुँवर वियोगी (रणधीर सिंह) (1940–2015) : डोगरी के प्रख्यात कवि हुए हैं। इन्होंने डोगरी कविता में कई प्रयोग किए और उसमें नए-नए आयाम जोड़ने की कोशिश की। फ़ौज की नौकरी के उच्च पद से स्वेच्छा सेवानिवृत्ति लेकर साहित्य के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया। ‘कुँवर वियोगी—एक योगी संत’ आलेख में उनके लेखन का ब्यौरा इस प्रकार दिया गया है— “डोगरी में लगभग 1600 सॉनेट्स, 575 कविताएँ, 500 ग़ज़लें, 849 रुबाइयाँ, 4 कुंडलियाँ, 1000 शे’र, 3 दोहा, 2 चुमुक्खा, 20 कहानियाँ, 22 निबंध, 3 उपन्यास, 4 पुस्तक समीक्षा, 200 दार्शनिक व आध्यात्मिक विचार, जो अधिकतम अंग्रेज़ी में हैं।”

ऐसे बहुमुखी लेखक, उच्च कोटि के कवि, संवेदनशील कहानीकार, कथाकार तथा पत्रकार कुँवर वियोगी की लगभग दो दर्जन किताबें छप चुकी हैं, जिनमें कविता, गीत, ग़ज़ल, कहानी और उपन्यास शामिल हैं। उनमें कुछ प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें हैं— घर (रुबाई-संग्रह), पैहिलयाँ बांगा (सॉनेट), सबक (शायरी), पूरने–1,2,3 (कविता-संग्रह), दीवान-ए-वियोगी (ग़ज़ल-संग्रह), पम्मी (गीत-संग्रह)। इसके अलावा एक जिल्द में प्रकाशित तीन उपन्यास हैं— सुखने दे भाईवाल, हिरदियें दा एलची, टोना महाराज। इसमें अधूरे उपन्यास भी शामिल हैं, उनके नाम हैं— मनां दा कारावास, झुंड सलाखनी, उये कजले दी लीकां। इस उपन्यास-संग्रह में एक अनलिखे नाटक का ड्राफ्ट भी शामिल है एवं इक फर्स्ट क्लास आदमी (कहानी-संग्रह) आदि। कुँवर वियोगी के कविता-संग्रह घर को वर्ष 1980 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

अनुक्रम

पारिवारिक कथ्य — 5

  1. ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य — 7
  2. सामाजिक परिप्रेक्ष्य — 8
  3. जन्म-स्थान तथा प्राथमिक शिक्षा — 10
  4. साहित्य में रुचि — 11
  5. साहित्य-लेखक की शुरुआत — 12
  6. कॉलेज की पत्रिका ‘तवी’ का संपादन और उसमें छपी कहानी — 12
  7. जम्मू से देहरादून तथा जम्मू वापसी — 13
  8. भाई-बहन और सेना — 15
  9. नौकरी, शादी, घर-परिवार — 16

साहित्यिक परिप्रेक्ष्य — 21

  1. ‘घर’ — 22
  2. पैहिलयाँ बांगा — 24
  3. सबक — 26
  4. डोगरी शायरी तथा रणधीर सिंह ‘कुँवर वियोगी’ — 28
  5. कविता-संग्रह — 33
  6. दीवान-ए-वियोगी (ग़ज़ल-संग्रह) — 36
  7. पम्मी (गीत-संग्रह) — 38
  8. कथा साहित्य — 40

Additional information

ISBN

Authors

Language

Hindi

Binding

Paperback

Pages

Publishing Year

2024

Pulisher

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