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Description
मेरा नन्हा भारत
एक दार्शनिक के साथ भारत भ्रमण के दौरान आपको मिलेंगी अनुश्रुतियां, ऐतिहासिक प्रसंग और कुछ ऐसे नए व पुराने चरित्र, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। साथ ही मिलेगी किसी विशाल परिदृश्य को देखने की सूक्ष्म दृष्टि। लेखक का जन्म एक ऐसे गाँव में हुआ था, जहाँ बैलगाड़ी से पहुंचना भी दूभर था। अपनी किशोरावस्था तक वे गाँव के स्कूलों में ही पढ़े। वे जब भारत के विभिन्न हिस्सों को बतौर पर्यटक देखने जाते हैं तो उन ऐतिहासिक स्थलों को देखने में उनकी दृष्टि पर उनका अतीत कहीं न कहीं मंडराता रहता है। कई बार यह दृष्टियां भारत को देखने के क्रम में एक-दूसरे में छितरा जाती प्रतीत होती हैं।
इस पुस्तक में शुरुआत की कुछ रचनाएं अंडमान की हैं। राजस्थान के राजपुताना-अतीत पर लेखक ने कई लेख प्रस्तुत किए हैं। इन आलेखों का प्रकाशन ‘द स्टेट्समेन’ में श्रृंखलाबद्ध रूप से हो चुका है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2020 |
| Pulisher |











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