- Description
- Additional information
- Reviews (0)
Description
पाश्चात्य काव्यशास्त्र के सिद्धान्त
यूनानी दार्शनिक प्लेटो, जिसे भारत में अफलातून के नाम से जाना जाता है, के साहित्य सम्बन्धी विचारों से लेकर बीसवीं शताब्दी के ब्रिटिश समीक्षकों के साहित्य सम्बन्धी विचारों को समेटने का प्रयास इस पुस्तक में किया है और अपेक्षाकृत दुरूह समझे जाने वाले विषय को बोधगम्य बनाने का प्रयत्न किया गया है।
आशा है इस पुस्तक को पढ़कर पाठकों को पाश्चात्य समीक्षा के मूल ग्रंथो को पढने की भी प्रेरणा मिलेगी।
– ब्रह्मदत्त शर्मा
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2019 |
| Pulisher |











Reviews
There are no reviews yet.