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Description
पश्चिमी जर्मनी पर उड़ती नज़र
‘पश्चिमी जर्मनी पर उड़ती नज़र’ मनोहर श्याम जोशी की पश्चिमी जर्मनी की यात्रा के दौरान देखे मांगे अनुभवों का जीवंत दस्तावेज है। इस यात्रा संस्मरण की विशेषता यह है कि वर्णन करते हुए लेखक कहीं भी अपनी विद्वता को नहीं होने देता। लेकिन साथ ही कहीं भी वह वर्णन को सूचना मात्र होने से भी बचाता चलता है। जोशी जी की पारखी नज़र पश्चिमी जर्मनी के बहाने पश्चिमी जगत के सम्पन्न देशों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर आधारित उपभोक्ता संस्कृति का बारीकी से उद्घाटन करती चलती है। लगे हाथ वे भारतीय परिदृश्य से उसकी तुलना भी करते चलते हैं।
जाहिर है यह एक तटस्थ सैलानी की नहीं बल्कि एक सुधी निरीक्षक की नज़र है, जिसमें जोशी जी के साहित्यकार और पत्रकार दोनों व्यक्तित्व एकाकार हो गये हैं।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2010 |
| Pulisher |











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