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Description
प्रति 54 मिनट
महाश्वेता देवी के इस उपन्यास में भारत में स्त्रियों के प्रति किए जा रहे अनाचार-अत्याचार के विरुद्ध प्रबल प्रतिवाद किया गया है।
इस देश में प्रति 54 मिनट पर एक स्त्री का बलात्कार किया जाता है। उसमें विभिन्न सामाजिक शक्तियों की क्या भूमिका है, इस तथ्य पर गहराई के रोशनी डाली गई है।
राजनीति और अपराध की मिलीभगत से हमारा समाज कितना विपन्न और कायर होता जा रहा है, इस ओर भी पर्याप्त संकेत दिया गया है। इसके बावजूद व्यक्तियों तथा समूहों में नारी के साथ किये जाते दुराचार का प्रतिवाद भी सामने आ रहा है।
उपन्यास अपनी पठनीयता और सामाजिक प्रतिबद्धता में अद्वितीय है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| ISBN | |
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2011 |
| Pulisher |











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