Sahityik Nibandh

-14%

Sahityik Nibandh

blank

Sahityik Nibandh

900.00 770.00

In stock

900.00 770.00

Author: Ganpati Chandra gupt

Availability: 5 in stock

Pages: 782

Year: 2019

Binding: Hardbound

ISBN: 9788180312779

Language: Hindi

Publisher: Lokbharti Prakashan

Description

साहित्यिक निबन्ध

साहित्य का आकर्षण शक्ति सिद्धान्त, साहित्य की विकास प्रक्रिया का सिद्धान्त, बौद्धिक रस, श्रृंगार रस सम्बन्धी नयी स्थापनाएँ, रस-निष्पत्ति, साधारणीकरण एवं साहित्य की आस्वादन प्रक्रिया सम्बन्धी नये निष्कर्ष, हिन्दी साहित्य के इतिहास का काल विभाजन एवं काव्य-परम्पराओं का नया वर्गीकरण व नामकरण, हिन्दी साहित्य की विभिन्न काव्यधाराओं के उद्दाम स्रोत एवं प्रेरणा स्रोत के सम्बन्ध में नयी स्थापनाएँ, हिन्दी साहित्य के विभिन्न युगों एवं परम्पराओं की विभिन्न प्रवृत्तियों के सम्बन्ध में नये निष्कर्ष, विभिन्न कवियों, लेखकों एवं रचनाओं के विवेचन विश्लेषण एवं मूल्यांकन से उपलब्ध नूतन निष्कर्ष इत्यादि कतिपय नये विचारों, नूतन स्थापनाओं एवं मौलिक सिद्धान्तों का उल्लेख प्रस्तुत पुस्तक में किया गया है।

यह भी एक कटु सत्य है कि अभी तक हिन्दी जगत में पूर्व परम्परा से प्राप्त या विदेशों से आयातित विचारों एवं सिद्धान्तों को ही अधिक महत्व दिया जाता है – स्वयं हिन्दी के आचार्यों द्वारा प्रतिपादित मौलिक सिद्धान्तों की प्रायः उपेक्षा की जाती है। विदेशी शासन की दास्ता के कारण हम लोगों में जिस आत्महीनता एवं लघुता का भाव विकसित हुआ था, उससे अभी तक हम पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाये हैं। विश्वास है नयी पीढ़ी के अध्येता इस आत्महीनता की भावना से मुक्त होकर स्वतन्त्र एवं मौलिक चिन्तन का सम्यक मूल्यांकन कर सकने में समर्थ होंगे।

प्रस्तुत संस्करण में नाटक, उपन्यास, कहानी आदि के विकास से सम्बन्धित निबन्धों में नव प्रकाशित रचनाओं का भी विवेचन करते हुए उन्हें अद्यतन रूप देने की चेष्टा की गयी है।

Additional information

Authors

Binding

Hardbound

ISBN

9788180312779

Language

Hindi

Pages

782

Publishing Year

2019

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Sahityik Nibandh”

You've just added this product to the cart:

error: Content is protected !!