Sampoorna Kahaniyan : Omprakash Valmiki

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Sampoorna Kahaniyan : Omprakash Valmiki

Sampoorna Kahaniyan : Omprakash Valmiki

499.00 374.00

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Author: Omprakash Valmiki

Availability: 5 in stock

Pages: 424

Year: 2025

Binding: Paperback

ISBN: 9788199312258

Language: Hindi

Publisher: Radhakrishna Prakashan

Description

सम्पूर्ण कहानियाँ : ओमप्रकाश वाल्मीकि

ओमप्रकाश वाल्मीकि अपनी कहानियों को अपने अनुभव-जगत की त्रासद‌ियों और दुखों से उपजी सामाजिक संवेदना का प्रत‌िबिम्ब कहते थे। वे उनके भोगे हुए यथार्थ से उपजी हैं और उस यथार्थ को बदलने की प्रत‌िबद्धता को रेखांकित करती हैं। उनके किरदारों को हम आज भी अपने आसपास देख सकते हैं। ये किरदार अपने स्वाभिमान और आत्मविश्वास के लिए संघर्ष करते हैं, अपने हीनताबोध से लड़ते हुए समाज में मनुष्यता की आधारभूत भावना को भी स्थापित करते हैं। दलित समाज के अपने अन्तर्विरोधों और कमज़ोरियों को भी उन्होंने अनदेखा नहीं किया। अपनी कहानियों के ज़रिये उन्होंने इस विडम्बना की तरफ़ भी ध्यान खींचा कि सवर्ण समाज की व्यवस्था थोड़े बदले हुए रूप में दल‌ितों के भीतर भी मौजूद है जिससे मुक्ति के लिए भीतर और बाहर दोनों जगह संघर्ष करने की ज़रूरत है।

उल्लेखनीय है कि आदिवासी‌ विमर्श के मुख्यधारा में आने से कई वर्ष पूर्व उनकी कहानियों में आदिवासी पात्र और उनका जीवन देखने को मिलने लगा। इसी तरह मुस्लिम पात्र भी उनकी कथा-संरचना से कभी तिरोहित नहीं हुए। उनकी कहानियाँ दरअसल शोषित और दमित के साथ खड़ी होती हैं। सवर्ण स्त्रियाँ भी अपने परिवार के पुरुषों के अत्याचार का शिकार कैसे बनती हैं, इसे भी उनकी कहानियों में देखा जा सकता है।

ओमप्रकाश वाल्मीकि की सम्पूर्ण कहानियों की यह प्रस्तुति, आशा है, उनकी साहित्य-संवेदना और विचार-दृष्टि की व्यापकता को समझने में मददगार साबित होगी।

Additional information

Authors

Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2025

Pulisher

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