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Description
वेद कल्पतरु
वैदिकवाङ्मय भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का मूल तथा अनन्त ज्ञान राशि का भण्डार है। यह वैदिक ज्ञान ज्योति के रूप में सम्पूर्ण विश्व को दीप्तिमान कर रहा है। वैदिक वाङ्मय का अपना अभूतपूर्व गौरव रहा है जो भारतीय संस्कृति को आज भी अनुप्राणित कर रहा है। इसी संस्कृति तथा गौरव से समाज को अवगत कराने की दृष्टि से वेदों में निहित विभिन्न तत्वों को यहां समेकित करने का प्रयत्न किया गया है। भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व के प्रत्येक जन-जन को वेदज्ञान से लाभान्वित करने के विश्वव्यापी महान संकल्प के साथ इस ग्रन्थ का सम्पादन किया गया है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2023 |
| Pulisher |











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