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बारह माह
गुरु नानक देव जी की बारह माह वाणी जो राग तुखारी में निबद्ध है, तथा श्री गुरु ग्रंथ साहेब में एक महान काव्य रचना है। जो केवल बाहरी परिवेश में बदलते मौसमों का बखान ही नहीं, यह इस अंतहीन ब्रह्मांड को एकसार रखने वाली परम् शक्ति की मानव-मन-चेतना के एकसार स्वरूप का अवलोकन है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2020 |
| Pulisher |











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