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Description
देवधरा : हिमाचल प्रदेश
भारत के उत्तर-पश्चिम में हिमालय की गोद में बसा है—हिम से आच्छादित हिमाचल प्रदेश। भारतीय गणराज्य के 18वें राज्य के रूप में प्रतिष्ठित यह प्रदेश हिमालय का अभिन्न और मनोरम विस्तार है। वेदों, वेदांतों, ग्रंथों और पुराणों से लेकर ज्ञान-विज्ञान की प्रायः सभी पुरातन और आधुनिक शाखाओं-प्रशाखाओं में हिमालय की अभिभूत करने वाली दिव्य अलौकिक नैसर्गिकता और आध्यात्मिकता उसे वास्तव में देवधरा के रूप में प्रतिष्ठित करती है। 15 अप्रैल, 1948 से यह देवभूमि भारत की सदस्य है, जिसे 25 जनवरी, 1971 को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। एक लोकतांत्रिक राज्य के रूप में 2021 हिमाचल के शानदार सफर की स्वर्ण जयंती का वर्ष है। हिमाचल एक नवजात से सफल राज्य की परिभाषित अहर्ताओं के मानकों पर किन-किन क्षेत्रों में खरा उतरा है, इसकी क्या-क्या उपलब्धियाँ हैं, जो आमजन को लुभाती हैं और आगे भी सही दिशा में मजबूत इरादों से यात्रा शुरू करने के लिए वह आत्मविश्वास से कहाँ तक लबरेज है, इसको वस्तुपरकता के साथ परखना ही प्रस्तुत पुस्तक का लक्ष्य है। इसमें हिमाचल की 50वीं वर्षगाँठ की महत्ता को रेखांकित करते हुए उसकी नैसर्गिक, अर्जित विशेषताओं और उपलब्धियों का एक तटस्थ विश्लेषण किया गया है। 10 अध्यायों में विभक्त इस पुस्तक में हिमाचल के अतीत, राज्य की रचना, समृद्धि, पर्यटन के विकास, ज्ञान और प्रगति के सोपान, सड़कों के सफर, प्रमुख संस्थाओं, ऊर्जा और प्रकृति के उपहार वनों का विस्तृत विश्लेषण है।
Additional information
| ISBN | |
|---|---|
| Authors | |
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2021 |
| Pulisher |











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