Nautanki : Lok-Parampra Aur Sangharsh
₹899.00 ₹675.00



₹899.00 ₹675.00
₹899.00 ₹675.00
Author: Jyotish Joshi
Pages: 312
Year: 2022
Binding: Paperback
ISBN: 9789393758019
Language: Hindi
Publisher: Setu Prakashan
नौटंकी लोक-परम्परा और संघर्ष
नौटंकी और लोक-परंपराओं की उपादेयता और संभावनाएँ मे समेकित रूप से नौटंकी की तात्विकता और प्रदर्शनधर्मी कलाओं को विलुप्त से बचाने की आवश्यकता पर एक विचारोत्त्तेजक संवाद है। इस चर्चा के क्रम में कौटिल्य ने रंगोपजीवी पुरुषों और नाट्य, नृत्य, गीत, वाद्य, संगीत आदि का उल्लेख किया है।
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| Binding | Paperback |
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| Language | Hindi |
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| Publishing Year | 2022 |
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ज्योतिष जोशी
जन्म : ६ अप्रैल, १९६५, धर्मगता गोपालगंज, बिहार।
एम.ए. (हिन्दी), दिल्ली विश्वविद्यालय तथा जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली से पी-एच. डी.।
साहित्य, कला, संस्कृति के ख्यात आलोचक डॉ. जोशी ने आलोचना को कई स्तरों पर समृद्ध किया हैं। साहित्य इनकी आलोचना का केन्दीय क्षेत्र है, पर कला तथा नाटक-रंगमंच सहित संस्कृति के दूसरे क्षेत्रों में भी इन्होंने मनोयोग से काम किया है। इनकी तीस से अधिक मौलिक तथा सम्पादित पुस्तकें हैं जिनमें मुख्य मौलिक पुस्तकें हैं – जैनेन्द्र और नैतिकता, आलोचना की छवियाँ, उपन्यास की समकालीनता, पुरखों का पक्ष, संस्कृति विचार विमर्श और विवेचना, साहित्यिक पत्रकारिता, भारतीय कला के हस्ताक्षर, आधुनिक भारतीय कला, रूपंकर, कृति-आकृति, रंग-विमर्श, नेमिचन्द्र जैन, शमशेर का अर्थ, आलोचना का समय, समय और साहित्य तथा दृश्यांतर।

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