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Description
नई दिल्ली से इंडियाना वाया पेरिस
इस पुस्तक में अमेरिका के इंडियाना और अन्य नगरों का अत्यंत प्रभावशाली और रोचक वर्णन किया है। स्थानों के वर्णनों के साथ-साथ कल्याणी जी ने उन स्थानों पर पहुँचने पर उनके हृदय में उठने वाले भावों को भी बहुत आत्मीयता पूर्वक उकेरा है। इस पुस्तक को पढ़ते हुए लगता है। हमने बिना एक धेला खर्च किए विदेश भ्रमण कर लिया। साथ-साथ कुछ नसीहतें भी हैं। जो विदेश यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए बड़े काम की हैं। रेखांकित करने वाली बात जो मुझे लगती है। वो ये कि कल्याणी जी ने बिना किसी पूर्वाग्रह के विदेश को देखा और महसूस किया है। फिर यह पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक को पढ़ते हुए विदेश, विशेषकर अमेरिकी लोगों के रहन-सहन के बारे में आमतौर पर बने कुछ बुरे मिथ टूटे तो कुछ अच्छी धारणाएं बनीं।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2025 |
| Pulisher |











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