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Description
ऑपरेशन सिंदूर अनजाने संदर्भ
ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि अब कोई भी आतंकवादी हमला ‘एक्ट ऑफ़ वार’ अर्थात् युद्ध ही माना जाएगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संघर्ष विराम के उपरांत देशवासियों को संबोधित किया और कहा कि अब टेरर और ट्रेड, खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते। इसके उपरांत भारत सरकार ने आतंकवादी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विश्व के 33 महत्त्वपूर्ण देशों में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा। इस प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के विरुद्ध की गई कार्यवाही को सप्रमाण सही ठहराया और आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति के पक्ष में वातावरण बनाया।
भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत वर्तमान सदी के युद्ध की एक ऐसी पटकथा लिख दी है जो किसी रोमांचक फि़ल्म से भी अधिक उत्तेजक है। यह युद्ध उच्चकोटि की रणनीति, सैन्य तैयारी, इसरो के उपग्रहों से उपलब्ध जानकारी का सटीक अनुप्रयोग और भारतीय सेनाओं के अप्रतिम शौर्य एवं साहस का अभिनव प्रतिमान बन गया है। इसे विश्व के सैन्य इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
इस युद्ध की जीत पर भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि, ‘यह जीत केवल सेना की नहीं बल्कि पूरे देश की है। ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद को एक सुनियोजित, सटीक और योग्य जवाब है।’
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2025 |
| Pulisher |











अध्यक्ष, मुंबई विश्वविद्यालय –
अत्यंत उपयोगी पुस्तक। इसके माध्यम से ऑपरेशन सिंदूर के सारे आयाम उद्घाटित होते हैं।