

Kala Pahar

Kala Pahar
₹499.00 ₹375.00
₹499.00 ₹375.00
Author: Bhagwandas Morwal
Pages: 465
Year: 2025
Binding: Paperback
ISBN: 9788171198108
Language: Hindi
Publisher: Radhakrishna Prakashan
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Description
काला पहाड़
उपन्यास का काम समकालीन यथार्थ के प्रतिनिधित्व के माध्यम से अतीत को पुनर्जीवित और भविष्य के मिज़ाज को रेखांकित करना है। युवा कथाकार भगवान मोरवाल के पहले उपन्यास काला पहाड़ में ये विशिष्टताएँ हैं। काला पहाड़ के पात्रों की कर्मभूमि ‘मेवात क्षेत्र’ है। हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, की सीमाओं में विस्तृत यह वह क्षेत्र है, जिसने मुग़ल साम्राज्य के संस्थापक बाबर से टक्कर ली थी और जिसने भारत की ‘मिलीजुली तहज़ीब’ को आजतक सुरक्षित रखा है।
काला पहाड़ के एक उपन्यास का शीर्षक नहीं है, वरन् मेवात की भौगोलिक-सांस्कृतिक अस्मिता और समूचे देश में व्याप्त बहुआयामी विसंगतिपूर्ण प्रक्रिया का प्रतीक है। इसके पात्र – सलेमी, मनीराम, रोबड़ा, हरसाय, सुलेमान, छोटेलाल, बाबू खाँ, सुभानखाँ, रुमाली, अंगूरी, रोमदेई, तरकीला, मेमन, चौधरी करीम हुसैन व चौधरी मुर्शीद अहमद आदि ठेठ देहाती हिन्दुस्तान की कहानी कहते हैं। मेवात के ये अकिंचन पात्र अपने में वे सभी अनुभव, त्रासदी, खुशियाँ समेटे हुए हैं, जो किसी दूरदराज़ अनजाने हिन्दुस्तानी की भी जीवन-पूँजी हो सकते हैं। लेखक जहाँ ऐतिहासिक पात्र व मेवात-नायक ‘हसन खाँ मेवाती’ की ओर आकृष्ट है, वहीं वह अयोध्या-त्रासदी की परछाइयों को भी समेटता है, इस त्रासदी में झुलसनेवाली बहुलतावादी संस्कृति को रचनात्मक अभिव्यक्ति देता है।
उपन्यास की विशेषता यह है कि इसने समाज के हाशिए के लोगों को अपने कथा फलक पर उन्मुक्त भूमिका निभाने की छूट दी हे। मोरवाल की पृष्ठभूमि दलित ज़रूर है लेकिन किरदारों के ‘ट्रीटमेंट’ में वह दलित ग्रन्थि से अछूते हैं। उपन्यास में आधुनिक सत्तातन्त्र एवं विकास प्रक्रिया में भी लेखक की नज़रों से ओझल नहीं हो सके हैं। लेखक के पात्र प्रक्रिया की जटिलताओं एवं विकृतियों को पूरी तटस्थता के साथ उघाड़ते हैं। पात्रों के अन्दर झाँकने से एक विमर्श उठता दिखाई देता है कि क्या वर्तमान विकास प्रक्रिया के प्रहारों से इनसान की निर्मलता और रिश्तों की कोमलता को कालान्तर में अक्षुण्ण रखा जा सकेगा ?
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2025 |
| Pulisher |









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