Rajmata Mariyam Makani : Hameeda Bano Begum

-25%

Rajmata Mariyam Makani : Hameeda Bano Begum

Rajmata Mariyam Makani : Hameeda Bano Begum

395.00 295.00

In stock

395.00 295.00

Author: Heramb Chaturvedi

Availability: 5 in stock

Pages: 156

Year: 2024

Binding: Hardbound

ISBN: 9789362871893

Language: Hindi

Publisher: Vani Prakashan

Description

राजमाता मरियम मकानी : हमीदा बानो बेगम

मुग़ल बादशाहों पर सशक्त महिलाओं का प्रभाव हमेशा से रहा है इसीलिए मुग़ल महिलाओं और उनके हरम पर ढेरों पुस्तकें आज भी सामान्य पाठकों और इतिहास के अध्येताओं और शोधकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचती रहती हैं। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित ‘जहाँआरा’ के बाद अकबर की माँ—राजमाता हमीदा बानो बेगम के जीवन पर आधारित यह पुस्तक अकबर के ऊपर रनिवास या हरम के प्रभाव की बिल्कुल नयी जानकारियों के साथ उस काल की राजनीति पर नया प्रकाश डालती है… राजपूत नीति के निर्धारण में तो राजमाता मरियम मकानी का प्रत्यक्ष प्रभाव था ही बल्कि अकबर-सलीम के द्वन्द्व और उसके पीछे के अनारकली प्रकरण को भी बे-पर्दा करता है यह उपन्यास… ★★★ गुलबदन बेगम लिखती हैं कि जैसे ही हुमायूँ की नज़र हमीदा बानो पर पड़ी भर थी कि उसका दिल इतने ज़ोर से धड़का और उसके चेहरे की रंगत ही बदल गयी।…उसका अपने दिल और जज़्बात पर कोई नियन्त्रण ही नहीं रहा। जब बेबस हुमायूँ ने यह जानना चाहा कि वह कौन है तब, हमीदा बानो ने खुद ही पूरे इत्मीनान, शालीनता, संयत ढंग और तमीज़ से संक्षिप्त सा जवाब दिया ‘मीर बाबा दोस्त की बेटी’। हुमायूँ जो अभी सिर्फ़ सुन्दरता का कायल हुआ था उसके इस परिष्कृत अन्दाज़ और उसकी तरबियत से भी बहुत प्रभावित हुआ। उसे इतना तो समझ आ गया था कि जिसे इस उम्र में अपने बड़े के सामने किस तमीज़ से बोलना चाहिए या एक बादशाह की उपस्थिति में किस अदब से पेश आना चाहिए यह सब उसकी शिक्षा, संस्कार और खानदानी होने के सबूत थे !

— इसी पुस्तक से

Additional information

Authors

Binding

Hardbound

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2024

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Rajmata Mariyam Makani : Hameeda Bano Begum”

You've just added this product to the cart: