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Chandershekhar Azad : Viveksheel Krantikari
₹199.00 ₹165.00



₹199.00 ₹165.00
₹199.00 ₹165.00
Author: Malvender Jit Singh Waraich
Pages: 236
Year: 2019
Binding: Paperback
ISBN: 9788126724048
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
चन्द्रशेखर आज़ाद : विवेकशील क्रान्तिकारी
‘चन्द्रशेखर आज़ाद : विवेकशील क्रान्तिकारी’ प्रत्येक भारतीय के लिए एक अनिवार्य पाठ्य पुस्तक की तरह है। चन्द्रशेखर आज़ाद ने भारत के स्वाधीनता संग्राम में महानायक की भूमिका निभाई। सच्चे अर्थों में उनका तन-मन-धन भारतमाता की सेवा में समर्पित रहा। वे आज़ाद जिए और अन्त तक पुलिस के हाथ न आये।
आज़ाद ने अपने साहसी व्यक्तित्व से आज़ादी के देशव्यापी अभियान को क्रान्ति की अद्भुत गरिमा प्रदान की। उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर असंख्य युवाओं ने क्रान्ति के मार्ग पर कदम बढ़ाए। सरदार भगत सिंह के साथ तो आज़ाद का विशेष लगाव था। इस पुस्तक के अनुसार, ‘भगत सिंह को आज़ाद केवल पार्टी के एक सदस्य के नाते ही नहीं देखते थे, बल्कि उन्हें अपने भाई की तरह, अपने परिवार के व्यक्ति की तरह मानते और अत्यधिक स्नेह करते थे।’ सत्य तो यह है कि आज़ाद को प्रत्येक क्रान्तिकारी में अपना ही रूप दिखाई देता था।
प्रस्तुत पुस्तक अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद के जीवन-वृत्तान्त के साथ उनके युग की महान गाथा रेखांकित करती है। समकालीन संदर्भों में यह पुस्तक अत्यधिक महत्त्वपूर्ण हो उठती है।
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| Publishing Year | 2019 |
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| Language | Hindi |
मलवेन्दर जीत सिंह वढ़ैच
जन्म : 1929, गाँव लाधेवाला वढ़ैच, जिला गुजराँवाला।
शिक्षा : अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थ शास्त्र और समाज शास्त्र में एम.ए.।
30 साल गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज, लुधियाना में पढ़ाने के उपरान्त नवम्बर, 1989 में सेवानिवृत्त। फिर एल.एल.बी. करके 1992 में माननीय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की और वहाँ जनहित पिटिशनों (क्कढ्ढरुह्य) द्वारा ‘कूका विद्रोह’, ‘गदर लहर’, ‘कौमागाटा मारू’ और ‘जलियाँवाला बाग’ के शहीदों को कानूनी तौर पर ‘शहीदों’ का दर्जा दिलवाया।

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